ट्रैन में सफर करने वालो को ये बत जरुर पता होनी चाहिए

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अगर आप गलती से टिकट घर पर भूल गए या फिर रिजर्वेशन टिकट खो जाए हो तो क्या करें या फिर आपकी ट्रेन छूट गई तो क्या आपके टिकट के पैसे डूब गए या फिर आपकी टिकट जिस स्टेशन तक की है और अचानक आपको सफर के दौरान उससे आगे जाना हो तो क्या करें? इन सब बातों को लेकर रेलवे में नियम बने हुए हैं.

अगर आपने रेल यात्रा के लिए ई-टिकट लिया है और ट्रेन में बैठने के बाद आपको पता लगा कि टिकट खो गया है तो आप टिकट चेकर (टीटीई) को 50 रुपये पेनाल्टी देकर अपना टिकट हासिल कर सकते हैं.
अगर यात्री के पास प्लेटफॉर्म टिकट है तो वह उससे ट्रेन में यात्रा कर सकता है. अगर इमरजेंसी में यात्री ट्रेन में सवार होता है तो उसे फौरन पहले टीटीई से संपर्क करके टिकट का अनुरोध करना चाहिए. उस स्थिति में यात्री से 250 रुपए पेनल्टी और यात्रा का किराया वसूला जाएगा. प्लेटफॉर्म टिकट का फायदा इतना ही होगा कि यात्री से किराया वसूलते वक्त डिपार्चर स्टेशन उसे ही माना जाएगा जहां से प्लैटफॉर्म टिकट खरीदा गया होगा और किराया भी उसी कैटेगरी का वसूला जाएगा, जिसमें यात्री सफर कर रहा होगा
अगर आपकी ट्रेन मिस हो गई है तो आप टीडीआर भरकर अपने टिकट के बेस फेयर की 50 प्रतिशत राशि रिफंड के तौर पर पा सकते हैं, लेकिन आपको ये काम तय समय-सीमा के भीतर करना होगा.
अगर आपकी ट्रेन छूट गई है तो टीटीई अगले दो स्टेशनों तक आपकी सीट किसी को अलॉट नहीं कर सकता. अगले दो स्टेशनों पर ट्रेन से पहले पहुंचकर आप अपना सफर पूरा कर सकते हैं. लेकिन दो स्टेशनों के बाद टीटीई आरएसी टिकट वाले यात्री को ये सीट अलॉट कर सकते हैं. रेल यात्रा में आपके बैठने की जगह से दो स्टेशनों के बाद टीटीई आरएसी टिकट वाले यात्री को यह सीट दे सकता है.