गोत्र क्या है, कैसे पता चलेगा मेरा गोत्र

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भारत के महान ऋषियों का विज्ञान था, जिसे आज भी विश्व मानता है।

भारतीय संस्कृति और मान्यता है कि हम सब किसी महर्षि का सन्ताने हैं। हमारे पूर्वज ऋषि पिता तुल्य हैं। सन्सार इन्हीं से उत्पन्न हुआ है। जिन ऋषियों ने सांसारिक तरीके सन्तति को जन्म दिया उनसे आगे वंश चला। हम किस ऋषि की संतान है यह गोत्र से पता चलता है। भारत में वैवाहिक सम्बन्ध इसलिए एयर छोड़कर किये जाते हैं। यह उस समय का रक्त परीक्षण था। एक ही ब्लड ग्रुप वालों को आपस में शादी नहीं करना चाहिए अन्यथा सन्तान मंदबुद्धि, अज्ञानी, रोगी होती है।

जिन लोगों को अपने गोत्र का ज्ञान नहीं है वह लिसी भी पूजा पाठ के समय कश्यप गोत्र बतला सकते हैं।

ऐसी मान्यता है गोत्र का ज्ञान न होने पर ऋषि कश्यप को अपना पूर्वज माने।