भारत में सबसे अधिक उपयोग में लाई जाने वाली बन्दुक कौन सी है ?

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भारत में आम जनता के पास बंदूक रखना न आम हैं न आसान। ज्यादातर बंदूकों का उपयोग सुरक्षा कर्मी ही करते है। मैं आपको सबसे ज्यादा उपयोग में आने वाले 4 हथियार का उल्लेख कर रहा हूं।

1. ऑटो पिस्टल 9mm 1A(Auto pistol 9mm 1A)

 

 

 

 

 

 

और राज्य पुलिस बलों द्वारा एक सेवा हथियार के रूप में उपयोग किया जाता है। यह एक पुन: संचालित(Recoil operated), स्व लोडिंड (Auto loading) और अर्ध-स्वचालित(Semi-automatic) पिस्तौल है। मैगज़ीन में 13-राउंड की क्षमता है। इसका निर्माण राइफल फैक्ट्री इशापोर द्वारा किया जाता है।

2. इंसास असॉल्ट राइफल (INSAS Assault Rifle)

 

 

 

 

 

INSAS (इंडियन न्यू स्मॉल आर्म्स सिस्टम) असॉल्ट राइफल भारतीय सशस्त्र बलों का इन्फैंट्री विंग के मानक हथियार है। राइफल 5.56 × 45 मिमी नाटो कारतूस के साथ आता है और इसका स्वदेशी रूप ऑर्डिनेंस फैक्ट्री, तिरुचिरापल्ली (Ordinance Factory, Trichy) में विकसित किया गया है। INSAS का उपयोग पहली बार 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान किया गया था और तब ठंड के वजह से जाम होने जैसे मुद्दों के लिए बहुत आलोचना का सामना करना पड़ा है। मुद्दों को नए संस्करणों में हल किया गया था, लेकिन हाल ही इसे सेवानिवृत्त करने की खबर आयी है। INSAS की जगह अब AK-203 लेगी। हाल ही मोदी सरकार का फैसला किया कि AK-203 का निर्माण अमेठी में होगा।

3. AKM असॉल्ट राइफल(AKM Assault Rifle)

 

 

 

 

 

यह सोवियत मूल की असॉल्ट राइफल AK-47 राइफल का उन्नत संस्करण है। इसमें प्रति मिनट 600 राउंड की फायरिंग दर है और यह अर्ध-स्वचालित(Semi-automatic) और पूर्ण स्वचालित(Fully-Automatic) मोड दोनों में आता है। बंदूकों की एके श्रृंखला दुनिया भर में सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली असॉल्ट राइफलें हैं। इसका उपयोग सेना द्वारा PARA SF, Garud, Ghatak, BSF और NSG सहित किया जाता है।

4. AK-103 असॉल्ट राइफल (AK-103 Assault Rifle)

 

 

 

 

 

AK-103 असॉल्ट राइफल पुराने AKM के समान 7.62 × 39 mm कारतूस के लिए AK-74 M चैम्बर की प्रकार है। AK-103 को कई प्रकार के दर्शनीय स्थलों से सुसज्जित किया जा सकता है, नाइट विज़न साथ और दूरदर्शी जगहों में। साथ ही इसमें एक चाकू या ग्रेनेड लॉन्चर भी शामिल किया जा सकता हैं। इसका उपयोग भारतीय पुलिस, सेना, PARA बलों और MARCOS जैसे विशेष बलों द्वारा किया जाता है।